विद्यालय और समाज का अनोखा संगम – कमरूनिशा ने स्कूल में मनाया 72वां जन्मदिन
✨ राष्ट्रीय शिक्षा नीति और विद्यालय का सामाजिक उपयोग
राष्ट्रीय शिक्षा नीति का स्पष्ट संदेश है कि विद्यालय केवल पढ़ाई का केंद्र नहीं, बल्कि समाज और समुदाय के विकास का केंद्र भी बने।
इस दिशा में सेजेस सिंगपुर लगातार प्रयासरत है।
-
यहाँ समाज के लोग अपने त्यौहार, पर्व और विशेष अवसर विद्यालय में मनाते हैं।
-
इससे विद्यालय और समुदाय के बीच संबंध और मजबूत होते हैं।
इसी क्रम को आगे बढ़ाते हुए सिंगपुर निवासी, लेडी हेल्थ विजिटर पद से सेवा निवृत्त, 72 वर्षीय श्रीमती कमरूनिशा ने अपना जन्मदिन विद्यालय परिसर में मनाकर एक अनूठा उदाहरण प्रस्तुत किया।
💬 कमरूनिशा का संदेश
अपने जन्मदिन पर विद्यालय में उपस्थित होकर उन्होंने कहा:
-
"संसार में विद्यालय से बढ़कर कोई पवित्र स्थान नहीं।"
-
"विद्यालय ही मनुष्य को सामाजिक बनाता है और शिक्षा से ही व्यक्ति सफल एवं महान बनता है।"
-
उन्होंने बच्चों को मन लगाकर पढ़ाई करने का संदेश दिया।
-
गाँव के लोगों से भी अपील की कि वे भी अपने विशेष और यादगार अवसर विद्यालय में मनाएँ।
सेजेस सिंगपुर में राष्ट्रीय शिक्षा नीति की अनुशंसा साकार होते हुए दिखाने देने लगा है
राष्ट्रीय शिक्षा नीति की अनुशंसा है कि विद्यालय का अधिकतम उपयोग समाज के लिए हो।समाज के लोग अपना पर्व,त्यौहार, उत्सव ज्यादातर स्कूल में मनाएं। समाज एवम ग्राम विकास की चर्चा भी स्कूल में बैठकर की जाए ताकि स्कूल एवम समुदाय के बीच मजबूत सम्बन्ध बने। सेजेस सिंगपुर के प्राचार्य एवम शिक्षकों ने समुदाय के साथ लगातार इस दिशा में चर्चा जारी रखा है जिसका परिणाम विद्यालय में दिखाई दे रहा है। इसी क्रम में लेडी हेल्थ विजिटर पद से सेवा निवृत्त सिंगपुर निवासी बहत्तर कमरूनिशा ने अपना बहत्तरवां जन्म दिन सेजेस सिंगपुर पहुंचकर मनाया। उन्होंने अपने जन्म दिन पर विद्यालय में बच्चों को नाश्ता बंटवाया। वाचनालय " थाती " के लिए पांच नग प्रतियोगी पुस्तकें जिनमें प्रयास आवासीय विद्यालय ,सामान्य ज्ञान,सामान्य गणित,सामान्य हिंदी एवम राष्ट्रीय साधन सह प्रावीण्य छात्रवृत्ति की पुस्तकें भेंट की। अपने जन्म दिन को विद्यालय में मनाने के पीछे के कारणों पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि संसार में विद्यालय से बढ़कर कोई पवित्र स्थान नहीं है। विद्यालय ही वह स्थान है जो मनुष्य को सामाजिक बनाता है। शिक्षा से ही व्यक्ति सफल एवम महान बनता है। इस कारण से उन्होंने अपना जन्म दिन विद्यालय में मनाने का निश्चय किया। उन्होंने अपने सम्बोधन में बच्चों को मन लगाकर पढ़ने का निवेदन किया। गाँव के लोगों को भी उन्होंने आह्वान किया कि वे विद्यालय पहुँचकर अपना यादगार दिवस को जीवन्त बनाएं। सेजेस के प्राचार्य एवम शिक्षकों ने कमरुनिशा अली की पहल को रचनात्मक एवम अनुकरणीय बताते हुए उनके दीर्घ जीवन की कामना की है। इस सुअवसर पर उनकी सुपुत्री सफीना बानो, उप सरपंच ज्योति तिवारी,राजदा बेगम,मीना मरकाम,हेमा ध्रुव,शालिनी यादव,विमला यादव,सुनीता ध्रुव,देवली यादव ,डेमिन बाई, लीला कंवर,पार्वती कौशल,विमला सेन,चन्द्रिका यादव भुनेश्वरी साहू ,सरपंच लोमेश्वर मरकाम,एस एम सी के अध्यक्ष धनन्जय साहू,उपाध्यक्ष विष्णु निर्मलकर, डॉ हेमन्त साहू,राधेलाल सिन्हा आदि उपस्थित थे। सभी ने कमरूनिशा अली के दीर्घायु होने की कामना की।

