विद्यालय प्रार्थना – सुरों के संग ।। SAGES SINGPUR

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विद्यालय प्रार्थना – सुरों में उठती आत्मिक पुकार






सुबह का समय, हल्की ठंडी हवा और उगते सूरज की सुनहरी किरणें जब विद्यालय परिसर में पड़ती हैं, तभी बच्चों की पंक्तियाँ प्रांगण में सज जाती हैं। इसी पवित्र क्षण में विद्यालय की सुबह की प्रार्थना गूँजती है।



संगीत के मधुर सुरों के साथ जब बच्चे हाथ जोड़कर ईश्वर से प्रार्थना करते हैं, तो वातावरण में एक अलग ही शांति और ऊर्जा भर जाती है। प्रार्थना के बोल केवल शब्द नहीं होते, बल्कि वे बच्चों के मन को संयमित करने, सद्गुणों को अपनाने और दिनभर के कार्यों के लिए प्रेरणा देने वाले मंत्र होते हैं।

हारमोनियम की मधुर धुन, तबले की हल्की ताल और कभी-कभी बांसुरी की मीठी आवाज़ के साथ गाई जाने वाली यह प्रार्थना बच्चों को एकाग्रचित्त बनाती है। यह केवल धार्मिक क्रिया नहीं, बल्कि संस्कारों का पाठ है – जो अनुशासन, भाईचारे और मानवीय मूल्यों की शिक्षा देता है।














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