स्कूल काम्प्लेक्स के क्रियान्वयन हेतु सत्रह स्कूल के शाला प्रबन्धन समिति के 70 सदस्यों के साथ बड़ी बैठक // Sages Singpur

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🌸 स्कूल कॉम्प्लेक्स योजना की ओर एक सार्थक कदम 🌸

सत्रह विद्यालयों के शाला प्रबंधन समिति (SMC) के 70 सदस्यों की बड़ी बैठक – सिंगपुर संकुल

भारत में शिक्षा को मजबूत और गुणवत्तापूर्ण बनाने के लिए समय-समय पर कई नई पहलें की जाती रही हैं। नई शिक्षा नीति (NEP 2020) इन्हीं प्रयासों का एक हिस्सा है, जो शिक्षा व्यवस्था को और अधिक लोकतांत्रिक, सहभागी और गुणवत्तापूर्ण बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। इसी क्रम में स्कूल कॉम्प्लेक्स (School Complex) का विचार सामने आया है।

स्कूल कॉम्प्लेक्स का मुख्य उद्देश्य है – शिक्षा के विकेंद्रीकरण को बढ़ावा देना, शैक्षणिक गुणवत्ता को मजबूत करना, शिक्षकों के लिए अकादमिक सहयोग सुनिश्चित करना और विद्यालयों की जवाबदेही को और अधिक प्रभावी बनाना। इस सोच को अमलीजामा पहनाने के लिए सिंगपुर संकुल ने एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए 17 विद्यालयों की शाला प्रबंधन समितियों (SMC) के लगभग 70 सदस्यों की एक बड़ी बैठक का आयोजन किया।

👭बैठक का उद्देश्य👉

इस बैठक का मुख्य उद्देश्य था –
1. SMC सदस्यों को स्कूल कॉम्प्लेक्स योजना से अवगत कराना।
2. नई शिक्षा नीति में SMC एवं संकुल की भूमिका स्पष्ट करना।
3. विद्यालय संचालन में समितियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना।
4. विद्यालय विकास, बच्चों की प्रगति, और संसाधनों के बेहतर उपयोग हेतु रणनीति बनाना।
5. अभिभावकों एवं ग्रामीण समाज को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ना।

🏘️बैठक की शुरुआत👉

बैठक की शुरुआत संकुल प्राचार्य डॉ. व्ही.पी. चन्द्रा के मार्गदर्शन में हुई। उन्होंने कहा कि –
> “नई शिक्षा नीति में विद्यालयों की गुणवत्ता की पूरी जिम्मेदारी संकुल प्राचार्य पर है। SMC की भूमिका भी केवल मासिक बैठकों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि विद्यालय संचालन में साझेदारी निभाना ही असली उद्देश्य है।”
इसके बाद व्याख्याता कल्याण कौशल और जितेंद्र ग्वाल ने भी SMC सदस्यों को विद्यालय विकास के विभिन्न पहलुओं पर मार्गदर्शन दिया।

नई शिक्षा नीति और स्कूल कॉम्प्लेक्स का महत्व

बैठक में विस्तार से बताया गया कि –
🔴शैक्षणिक गुणवत्ता का विकेंद्रीकरण: अब निर्णय केवल ऊपर से नहीं होंगे, बल्कि विद्यालय स्तर पर भी मजबूत अधिकार दिए जाएंगे।
🔴सतत मॉनिटरिंग: संकुल के स्तर पर विद्यालयों की माहवार और विषयवार बच्चों की प्रगति की समीक्षा की जाएगी।
🔴अकादमिक सहयोग: शिक्षकों को नियमित प्रशिक्षण, विचार-विमर्श और संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी।
🔴समितियों का उन्मुखीकरण: SMC केवल नाम मात्र की समिति नहीं होगी, बल्कि विद्यालयीन वार्षिक कार्य योजना और क्रियान्वयन में भागीदारी करेगी।

सभी सदस्यों द्वारा ( एक जबरदस्त स्कूल की वीडियो) देखे 👉

🧑‍🎓SMC की जिम्मेदारियाँ 👉
संकुल प्राचार्य ने स्पष्ट किया कि SMC का काम केवल मासिक बैठक में उपस्थित होना नहीं है, बल्कि—
1. विद्यालय संचालन की जिम्मेदारी उठाना।
2. बच्चों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करना।
3. कमजोर बच्चों की पढ़ाई में मदद हेतु योजनाएँ बनाना।
4. विद्यालय में उपलब्ध भौतिक संसाधनों का सही उपयोग करना।
5. नए संसाधनों की पूर्ति हेतु प्रयास करना।
6. गाँव स्तर पर जागरूकता फैलाकर शिक्षा को प्राथमिकता दिलाना।
7. स्वयंसेवकों (Volunteers) का सहयोग लेकर बच्चों की घर पर पढ़ाई सुनिश्चित करना।

बैठक में हुई प्रमुख चर्चाएँ

🟡बैठक के दौरान कई महत्वपूर्ण विषयों पर गहन चर्चा हुई, जिनमें मुख्यतः—
🟡बच्चों की उपस्थिति बढ़ाने के उपाय।
🟡विद्यालय छोड़ चुके बच्चों को पुनः विद्यालय से जोड़ने की रणनीति।
🟡अभिभावकों को जिम्मेदार बनाने के उपाय।
🟡विद्यालय विकास के लिए ग्राम सभा और अभिभावक बैठकें आयोजित करना।
🟡कमजोर विद्यार्थियों के लिए विशेष कक्षाएँ और ट्यूशन की व्यवस्था।
🟡संसाधनों के लिए सामुदायिक सहयोग प्राप्त करना।

👭उपस्थित सदस्य और उनकी भूमिका👉

बैठक में सिंगपुर संकुल के अंतर्गत आने वाले 17 विद्यालयों से आए लगभग 70 SMC सदस्य मौजूद रहे। प्रमुख सदस्यों में –
प्रीतम यादव, बिसाहिन बाई, पार्वती कौशल, चुनेश्वरी कंवर, रामरतन ध्रुव, हुसैन खान, आनन्द राम, कमलेश्वरी यादव, रायसिंह कुमार, सहा बाई मरकाम, पिंकी बाई नेताम, नरेश मरकाम, महादेव, प्रमिला डहरिया, सतवन बाई, देवराज ध्रुव, चमरुराम नेताम, कन्हैयालाल ध्रुव, हरिश्चंद्र सलाम, दुधिया बाई, तुलसीराम नेताम, दसरू मरकाम, सुखवती, मिटजलेश कुमार ध्रुव, राजकुमारी, बसंता बाई, संतोषी बाई, भानमती बाई, मनोज सिन्हा, दुर्योधन सिंह ध्रुव, रमेश पहारिया, गणेशराम, चन्द्रिका ध्रुव, चिंताराम ध्रुव, डोमेश्वर राम, ओमप्रकाश, ललित दीवान, शेषकुमार, देवेंद्र कुमार ध्रुव, राजूलाल, पन्ना लाल, सीताबाई, सत्यवती ध्रुव एवं जगबाई प्रमुख रूप से शामिल रहे।

सभी ने बैठक को रचनात्मक एवं सार्थक बताया और संकल्प लिया कि वे विद्यालय विकास में सक्रिय भूमिका निभाएँगे।
भविष्य की रणनीति

बैठक में यह निर्णय लिया गया कि—👉

🟣प्रत्येक SMC सदस्य अपने गाँव में अभिभावक बैठक बुलाएगा।
🟣विद्यालयीन वार्षिक कार्य योजना में सक्रिय सहयोग दिया जाएगा।
🟣कमजोर बच्चों की प्रगति हेतु विशेष रणनीति बनाई जाएगी।
🟣गाँव के युवाओं को वालिंटियर बनाकर बच्चों की पढ़ाई में मदद ली जाएगी।
🟪"हमर गाँव, हमर लइका, हमर स्कूल – हमर जिम्मेदारी" को गाँव-गाँव पहुँचाया जाएगा।

प्रेरणादायी नारे

बैठक के अंत में सभी सदस्यों ने एक स्वर में यह नारे दोहराए –
🌿 हमर गाँव – हमर लइका – हमर स्कूल – हमर जिम्मेदारी 🌿



इन नारों ने सभी सदस्यों को यह याद दिलाया कि शिक्षा केवल विद्यालय की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।
निष्कर्ष
यह बैठक केवल एक औपचारिक सभा नहीं थी, बल्कि शिक्षा के क्षेत्र में सामूहिक सहभागिता और नवाचार की दिशा में एक बड़ा कदम थी। सिंगपुर संकुल ने यह साबित कर दिया कि यदि विद्यालय, शिक्षक, समिति और समाज एक साथ मिलकर काम करें तो शिक्षा की गुणवत्ता को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया जा सकता है।

नई शिक्षा नीति का वास्तविक उद्देश्य तभी पूरा होगा, जब समाज और विद्यालय मिलकर गुणवत्तापूर्ण, समावेशी और सतत शिक्षा को हर बच्चे तक पहुँचाएँगे।

✍️ लेखक: SAGES Singpur टीम

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