SAGES Singpur intro

विद्यालय का इतिहास

परिचय

स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय (SAGES), सिंगपुर, विकासखंड मगरीलोड, जिला धमतरी (छत्तीसगढ़) के अंतर्गत स्थित एक महत्वपूर्ण शैक्षणिक संस्था है। यह विद्यालय धमतरी जिला मुख्यालय से लगभग 45 किलोमीटर दूर, घने वनों से आच्छादित एवं आदिवासी बहुल ग्राम सिंगपुर में अवस्थित है। यह क्षेत्र भौगोलिक दृष्टि से दुर्गम और सामाजिक दृष्टि से विशेष महत्त्व रखता है, क्योंकि यहाँ अधिकांशतः आदिवासी समुदाय निवास करता है।

राज्य शासन द्वारा ग्रामीण और आदिवासी बहुल्य क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से "स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय योजना" के अंतर्गत इस विद्यालय की स्थापना की गई। इसका मुख्य ध्येय है कि इस क्षेत्र के बच्चों को आधुनिक, रोजगारोन्मुख और मूल्यपरक शिक्षा का लाभ मिले तथा वे समाज के मुख्यधारा में सम्मिलित होकर अपने उज्ज्वल भविष्य का निर्माण कर सकें।

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स्थापना और उद्देश्य

सिंगपुर जैसे क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का प्रसार लंबे समय से एक चुनौती रहा है। यहाँ के अधिकांश परिवार आर्थिक रूप से कमजोर हैं और बच्चों की पढ़ाई की सुविधा सीमित थी। इन परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए छत्तीसगढ़ शासन ने स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय योजना के अंतर्गत SAGES सिंगपुर की स्थापना की।

विद्यालय की स्थापना का प्रमुख उद्देश्य था –

  • ग्रामीण और आदिवासी विद्यार्थियों को प्रतिस्पर्धात्मक स्तर की शिक्षा प्रदान करना।

  • शैक्षणिक, सांस्कृतिक और खेल गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास।

  • स्थानीय समुदाय की भागीदारी से शिक्षा को सामाजिक आंदोलन का स्वरूप देना।

  • बच्चों में नैतिक मूल्यों, अनुशासन और नेतृत्व क्षमता का विकास करना।


विकास यात्रा

अपनी स्थापना से लेकर अब तक विद्यालय ने लगातार प्रगति की ओर कदम बढ़ाए हैं। प्रारंभिक वर्षों में संसाधनों की कमी के बावजूद विद्यालय ने समर्पित शिक्षकों और सहयोगी समुदाय की मदद से शिक्षा की अलख जगाई।

समय के साथ –

  • कक्षाओं में आधुनिक शिक्षण उपकरणों का उपयोग प्रारंभ किया गया।

  • कंप्यूटर लैब, पुस्तकालय और खेल सामग्री की व्यवस्था की गई।

  • विद्यार्थियों को सांस्कृतिक एवं खेलकूद प्रतियोगिताओं में भाग लेने के अवसर प्रदान किए गए।

  • प्रतिभाशाली विद्यार्थियों के लिए विशेष मार्गदर्शन सत्र आयोजित किए गए।

आज यह विद्यालय इस क्षेत्र के बच्चों के लिए ज्ञान, संस्कृति और प्रगति का केंद्र बन चुका है।


शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक योगदान

SAGES सिंगपुर में शिक्षा केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित नहीं है। यहाँ बच्चों को व्यावहारिक शिक्षा, रचनात्मक गतिविधियों और सामाजिक मूल्यों का प्रशिक्षण भी दिया जाता है। विद्यालय में नियमित रूप से –

  • निबंध, कविता, भाषण और वाद-विवाद प्रतियोगिताएँ।

  • चित्रकला, रंगोली और हस्तकला जैसी रचनात्मक गतिविधियाँ।

  • खेलकूद और योगाभ्यास सत्र।

  • विशेष शैक्षिक कार्यशालाएँ और कैरियर गाइडेंस कार्यक्रम।

इन गतिविधियों का उद्देश्य बच्चों के आत्मविश्वास, सृजनशीलता और नेतृत्व क्षमता को विकसित करना है।


हमर संस्कृति हमर धरोहर युवा मंच का सहयोग

विद्यालय के विकास में "हमर संस्कृति हमर धरोहर युवा मंच, सिंगपुर" की भूमिका उल्लेखनीय है। यह मंच गाँव के उत्साही और जागरूक युवाओं का समूह है, जो विद्यालय के साथ मिलकर बच्चों के लिए विभिन्न रचनात्मक कार्यक्रम आयोजित करता है।



मंच द्वारा –

  • निबंध, कविता, भाषण, वाद-विवाद, चित्रकला और प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिताएँ आयोजित की जाती हैं।

  • विजेताओं को स्वयं के संसाधनों से पुरस्कार प्रदान किए जाते हैं।

  • बच्चों को सांस्कृतिक धरोहर और सामाजिक मूल्यों से जोड़ने वाले कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।

इस प्रकार युवा मंच और विद्यालय मिलकर बच्चों के लिए एक सकारात्मक और प्रेरणादायक वातावरण तैयार करते हैं।


सामुदायिक सहभागिता

SAGES सिंगपुर की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यहाँ विद्यालय, अभिभावक और समाज शिक्षा के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए साझेदार के रूप में कार्य करते हैं।




  • अभिभावकों की नियमित बैठकें आयोजित कर बच्चों की प्रगति पर चर्चा की जाती है।

  • स्थानीय समुदाय के सहयोग से विद्यालय की गतिविधियों में सुधार किया गया है।

  • सामाजिक संगठनों की मदद से विशेष शैक्षिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन संभव हुआ है।


वर्तमान स्वरूप और महत्व

आज SAGES सिंगपुर न केवल शिक्षा का केंद्र है, बल्कि यह इस क्षेत्र में सामाजिक परिवर्तन और सांस्कृतिक जागरूकता का भी माध्यम बन चुका है। यहाँ पढ़ने वाले बच्चे अब केवल शैक्षणिक रूप से ही नहीं, बल्कि नैतिक, सामाजिक और सांस्कृतिक दृष्टि से भी मजबूत हो रहे हैं।

विद्यालय की उपलब्धियाँ और प्रयास इसे अन्य ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों के लिए एक आदर्श मॉडल बनाते हैं।


निष्कर्ष

स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय, सिंगपुर शिक्षा, संस्कृति और सामाजिक सहयोग का ऐसा संगम है, जो ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में शैक्षणिक उत्थान का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करता है। विद्यालय के समर्पित प्रयासों, हमर संस्कृति हमर धरोहर युवा मंच जैसे संगठनों के सहयोग और स्थानीय समुदाय की सहभागिता से यह संस्था शिक्षा का वह दीप प्रज्वलित कर रही है, जिसकी रोशनी आने वाले समय में दूर-दूर तक फैलेगी।

"ज्ञान, अनुशासन और संस्कृति – यही है SAGES सिंगपुर की पहचान।"



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